Monday, May 22, 2017

शारदा गुप्ता

ख़ूब जिओ और भरपूर जिओ

                 १
बीते दिनों की ना याद करो ,
अपने दुख का न इजहार करो ,
खुद को हर बंधन से मुक्त करो ।।

          खूब जिओ

                  २
एक कुम्हलाई कली सी ना उदास रहो ,
एक उमस भरी शाम की ना हमराज बनो ,
रिमझिम बरखा की ठंडी फुहार बनो  ।।

          खूब जिओ

                 ३
अंधेरी रातों का ना दामन थाबो,
डरावने सपनों का न ख़ौफ करो,
सुबह की पहली किरण का इंतजार करो ।।

           खूब जिओ

                 ४
छोटे से दुख को ना हौआ बनाओ ,
छोटी सी मुश्किल को न पहाड़ बनाओ,
मन के उस पार झांको और देखो ।।

             खूब जिओ   

                     ५
आशाओं की डोर से ना खुद को मुक्त करो ,
निराशाओं के अंधेरे से न मन को डांवाडोल करो ,
जीवन जीने के लिए है , उसे प्यार को ।।
खूब जिओ और  भरपूर जीओ।।
                  
              शारदा गुप्ता

🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄

22.05.2017

हाइकु

    1
बूढ़ा किसान
खलिहान निहारे
आशाएँ रोएँ

   2
गॉव में सुखा
किसान परेशांन
बिका ईमान

  3
गऊ का दान
पंडित समझाए
स्वर्ग लजाय

   4
गऊ की हत्या
महा पाप कहाए
शास्त्र बताए

  5
देश महान्
निति हुई बेमानी
नेता मुस्काए

6
वोटों का बैंक
देख देख के नेता
होवे निहाल

7
समय गति
कोई बांध न पाया
क्यूँ पछताए

No comments:

Post a Comment