ख़ूब जिओ और भरपूर जिओ
१
बीते दिनों की ना याद करो ,
अपने दुख का न इजहार करो ,
खुद को हर बंधन से मुक्त करो ।।
खूब जिओ
२
एक कुम्हलाई कली सी ना उदास रहो ,
एक उमस भरी शाम की ना हमराज बनो ,
रिमझिम बरखा की ठंडी फुहार बनो ।।
खूब जिओ
३
अंधेरी रातों का ना दामन थाबो,
डरावने सपनों का न ख़ौफ करो,
सुबह की पहली किरण का इंतजार करो ।।
खूब जिओ
४
छोटे से दुख को ना हौआ बनाओ ,
छोटी सी मुश्किल को न पहाड़ बनाओ,
मन के उस पार झांको और देखो ।।
खूब जिओ
५
आशाओं की डोर से ना खुद को मुक्त करो ,
निराशाओं के अंधेरे से न मन को डांवाडोल करो ,
जीवन जीने के लिए है , उसे प्यार को ।।
खूब जिओ और भरपूर जीओ।।
शारदा गुप्ता
🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄
22.05.2017
हाइकु
1
बूढ़ा किसान
खलिहान निहारे
आशाएँ रोएँ
2
गॉव में सुखा
किसान परेशांन
बिका ईमान
3
गऊ का दान
पंडित समझाए
स्वर्ग लजाय
4
गऊ की हत्या
महा पाप कहाए
शास्त्र बताए
5
देश महान्
निति हुई बेमानी
नेता मुस्काए
6
वोटों का बैंक
देख देख के नेता
होवे निहाल
7
समय गति
कोई बांध न पाया
क्यूँ पछताए
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