Saturday, May 27, 2017

हरमोहन दास नेमा

गरमी  का फ़ायदा (हाइकू ) मालवी  में 

पेलो फ़ायदों -----
ठंडी  लस्सी  पिवांगा गुण  करेगी
दूजो  फ़ायदों
तड़का से बचांगा
घर में रांगा
तीजों फ़ायदों
घर में बैठांगा  तो
पढ़ा -लिखांगा
चौथों फ़ायदों
जादाँ  पढ़ांगा-लिखांगा
लेख लिखांगा ।
पाँचवो  लाभ -
संजा के घूमांगा तो
मज़ों आयगो ।

Thursday, May 25, 2017

कहानियाँ

सरप्राइज गिफ्ट

लेखिका: आशा जाकड़

नानू आप मेरे बर्थडे पर आ रहे हैं ना? अनुष्का ने फोन पर असमंजस की स्थिति में कहां
हां हां क्यों नहीं पर यह तो बता इस बार तुझे क्या चाहिए?
नानू मैंने अपने लिए कपड़े खरीद लिए हैं इस बार आप मेरे लिए टेबल टेनिस का बैट ले आना अच्छी कंपनी का। मैंने टेबल टेनिस खेलना शुरु कर दिया है।
अरे वाह, वेरी गुड, अच्छी न्यूज़ बेटा, शेर लॉक हॉर्न की सभी किताबें ले आऊ क्या
हां नानू सुबह ही आ जाना आपको मेरे संग डेकोरेशन भी करवाना है
ठीक है बेटा
3 दिन बाद 16 मई को अनुष्का का बर्थडे था सुबह 7:00 बजे उसके नानू नानी इंदौर से अवंतिका से मुंबई पहुंच गए
अरे अनुष्का बाहर आ कर  देख  हम तेरे लिए क्या लाए हैं?
अरे वाह नानू कितना सुंदर गुलाब का पौधा है?
हां बेटा घर मैं सदा खुशबूदार हवा की ताजगी रहे, हमारी अनुष्का गुलाब जैसी महकती रहे"जन्मदिन मुबारक हो बेटा"
थैंक यू नानू और नानी।अनुष्का ने नानी के गले मे हाथ डालते  हुए कहा
तेरी नानी आज शामको तेरे लिए गाना गाऐगी।
अरे वाह नानी फिर तो मजा आएगा
हमारा सिकंदर कहाँ है?
नानू अभी सो रहा है,छुट्टियां है न
नानू मैं उठ  गया हूँ"दीदी ने आपसे. झूठ बोला
"आविष्कार ने नानू के गले मे बांह डाल ते हुए ब़ोला
नानू आप मेरे लिए क्या लाए?
मेरे साथ बाजार चलना तेरे पसंद का खिलौना दिलाऊंगा
अरे डैडी इसकी खिलौनों की फरमाइश कभी पूरी नहीं होती। नानू नानी के पेश हुए या नहीं
हम दोनों के पांव छू ए राजा बेटा ने
माँ,आपका राजा बेटा इतनी मस्ती करता है कि बस।
बेटा लड़के सभी चंचल स्वभाव के होते हैं।लड़कियां शान्त स्वभाव  की होती है।कृष्ण भगवान कितने नटखट थे,पूरा गोकुल परेशान था।
मम्मा सुन लिया कृष्ण भगवान भी नोटी थे,आप मुझको डांटती रहती हो।
नानू आप नहा लीजिये,।
खाना खाकर तैयार हो जाइये फिर मार्केट चलना है।
अनुष्का चुपचाप  मार्केट जाना।
ओके मॉम
11बजते ही अनुष्का नानू के साथ मार्केट निकल गई और  दो घंटे में शापिंग कर  प्रसन्न मुद्रा मे उसने घर मे प्रवेश किया"नानी ये रहा सामान, अब आपको डेकोरेशन करना है।
हां करती हूं किंतु किताबें क्यों ले आई
बच्चों को रिटर्न  गिफ्ट  मैं इस बार किताबें देंगे
यह अच्छा आईडिया है
आजकल बच्चों में पढ़ने की आदत कम होतीं जा रही है।अतःमैं स्टोरी बुक ही लाया हूँ। अनुष्का बच्चों के लिए गेम बना लिया है न।
हाँ नानू,सोचती हूँ क्या बनाऊँ ?
अनुष्का पार्सलगेम बनाले।
नानी, ये कौनसा गेम है?
एक डिब्बे में कुछ. चिटें रख देंगे।उनचिटों पर कुछ करने के लिए लिख देंगे जैसे-कविता, कहानी,डान्स,योगासन,गीत आदि।म्यूजिक के साथ पार्सल घूमेगा,म्यूजिक बन्द होने पर पार्सल जिसके पास रुकेगा,उसी को चिट निकालकर,उसमें जो लिखा है, वही करना होगा।
वाह नानी क्या सुपर गेम है?
अनुष्का  गेम खेलने वालों को पतंजलि के प्रोडक्टस गिफ्ट मे देंगे
ठीक है नानू,
"अरे नानी,ये मैडल भी सजा दो न ''आविष्कार ने मैडल देते हुए नानी से कहा
अनुष्का तेरे इतने सारे मैडल है,तूने इतने सारे प्राइज जीते, तू इतना अच्छा खेलती है पर सोनाली ने कभी बताया नहीं।
माँ पिछले साल से ही खेलना शुरू किया है।कुछ इसे स्कूल मे ं मिले हैं और कुछ इन्टर स्कूल कम्पटीशन में। इस साल ये कोचिंग ले रही है। इसकी इच्छा है स्टेटलेवल पर खेलने की फिर नेशनल लेवल त्थ खेलने की।
नानी मेरा भी एक मैडल रख दो
आविष्कार बेटा तुम्हें किसमें मिला है?
नानी स्कूल मे इसने पन्द्रह अगस्त को गाना गाया था और इसे फर्स्ट प्राइज मिलगया।
फिर तो सही में मेरा ये राजा बेटा है,सोनाली इसका गाने मे इन्टरेस्ट। है, इसको गाना सिखा ना।
माँ ये मुम्बई शहर है ,सब इतना दूर-दूर है।अनुष्का  को ही कोचिंग ले जानेमें मेरी जान निकल जाती है। इसके लिए समय कहाँ से लाऊँगी?
ठीक है अब मै रिटायर हो गई हूँ।अब मैं तेरी मदद करूँगी।
माँ  ,अनुष्का खेल के प्रति समर्पित है। जी जान से खेलती है।
हाँ, सो तो है अनुष्का में खेल के प्रति जुनून है।
माँ मैं कालेज से आकर पूरी तरह घर के प्रति समर्पित हो जाती हूँ।शाम को छै बजे से दस बजे तक कोचिंग पर ले जाती हूँ,साथ मे आविष्कार को भी ले जाती हूँ, वहीं इसको पढ़ाती हूँ, खुद भी पढती हूँ
जानती  हूँ बेटा, तूने अनुष्का की खातिर अपनी बैंक की नौकरी छोड़ दी नहीं तो आज मैनेजर होती।अनुष्का अपनी मम्मा के सैक्रीफाइस को हमेशा याद रखना।
हाँ नानी बिल्कुल,आई एम प्राउड आफ माय मदर। मम्मा आज मेरे लिए स्पेशल क्या बनाया?
आज नानी ने खीर और हलवा. बनाया है।पकौड़े और कटलेट बनने वाले हैँ।
वाह नानी मजा आगया,आपके हाथ का खाना तो लाजवाब है।
थैंक यू बेटा, अब तैयार हो जाओ ,छै बजने वाले हैं,तुम्हारे फ्रैन्डस आते होंगे।
ओके नानी, डेकोरेशन पूरा होगया न,ठीक है सब सामान हटा कर क्लीन इन्डिया कर देती हूँ।
ये डिब्बा क्यों रखा है बेटा?
नानी ये डिब्बा नहीं ,हरा भरा डस्टबिन है।
सात बजे से बच्चों का आगमन शुरू हो गया
आविष्कार देखो ,तुम्हारे फ्रैन्डस आ रहे हैं ,उन्हें बिठाओ।
माँ,ये कहाँ है,नीचे तो नहीं पहुँच गया  खेलने, फोर्थ क्लास मे आ गया है फिर भी समझदार नहीं हुआ।
अरे आविष्कार को देखना कहाँ है?
ये लो तुम्हारा लाड़ला बालकनी मे खड़ा था
वहाँ क्यों खड़े थे बेटा?
मम्मा कहती है कि मुझे कलक्टर बनना है,पर मुझे नही  बनना।मैं तो मामाजी जैसा इन्जीनियर बनूँगा,गिटार बजाऊँगा।
ठीक है,जो इच्छा हो बनना,अभी तो बच्चों के साथ बैठो।
नानू मुझे भी गिटार चाहिए ।
तुम्हारे बर्थ डे पर गिटार ही देंगे,ठीक है न।
तभी महेश प्रवेश करते हैं और कहते हैं कि ये सारे पौधे यहाँ रखो।
पापा आप तो पूरा गार्डन ले आए।
अनुष्का केक आगया कि नहीं।
मम्मा ने फोन तो किया था।पापा मेरा गिफ्ट नहीं लाए आप।
अरे केक तो कटने दो,सरप्राइज गिफ्ट दूँगा।सब बच्चों को एक ,एक पौधा देना रिटर्न गिफ्ट मे ताकि बच्चे हरियाली का महत्व समझे।
पापा नानू  स्टारी बुक भी लाए हैं बच्चोंः के लिये।
ठीक है, बुक के  साथ पौधा देना
नानू गेम खिलाइए,मैं गिफ्ट लाती हूँ।पापा आप रेडी हो जाइये।
ठीक है बेटा, नानी को बुलाओ,वह म्यूजिक बजाएँगी।
पार्सल्स गेम मे बच्चों ने खूब एन्जोय किया, किसी ने डान्स  ,योगा किया ,किसी ने कविता ,कहानियां सुनाई और प्राइज लेकर सभी खुश थे।बस इन्तजार था केक कटने का।
आठ बजे अनुष्का ने केक काटा,सभी ने बर्थडे गीत गाया।अनुष्का ने जैसे ही अपने पापा को केक खिलाया वैसे ही उसके पापा ने एक लिफाफ उसे दिया और कहा अनुष्का तुम्हारा गिफ्ट।
अनुष्का 1st जून को सिंगापुर जा रही है
पापा आप सच बोल रहे हैँ न ,मजाक तो नहीं कर रहे हैँ?
इस लिफाफे मे तीन टिकट हैं। तुम्हारे साथ तुम्हारे नानू और नानी भी जाएँगे।दो महीने तुम्हारी ट्रेनिंग है टेबल टेनिस की।
एक महीने बाद हम भी आयें गे।
"नानू आपको पता था क्या गिफट के विषय मे"अनुष्का मुस्कुराती हुई बोली
"सरप्राइज गिफ्ट मिल गया न।इस खुशी मे तेरी नानी गीत सुनाएँगी।"अनुष्का क नानू ताली बजाकर बोले।
पापा मैं भी चलूँगा सिंगापुर
हाँ एक महीने बाद चलेंगे।अनुष्का आज हलवा ,खीर खूब खालो,वहाँ ये सब नहीं मिलेगा। आविष्कार तुम्हारा बर्थडे सिंगापुर मनाएँगे।                                            --------///--------

प्रेरक लघु कथाएँ

लेखक: डॉ चन्द्रा सायता

                 निर्दयी
            -------------------
गांव के एक स्कूल में टीचर पांचवी कक्षा को पर्यावरण के विषय में पड़ा रही थी।
  सभी बच्चे शांत भाव से सुन रहे थे, किन्तु पलाश कुछ ज्यादा ही उत्साहित लग रहा था।
   ____'टीचर जी। मेरी दादी भी मुझे पेड़-पौधो और पशु पक्षियों की सुंदर-सुंदर कहानियां सुनाती है​। मुझे यह सब देखना- सुनना अच्छा लगता है।'
   बहुत बढ़िया पलाश बेटा। दादी से कहानी सुनते समय आसपास के बच्चों को भी बुला लिया करो।' टीचर ने उसका उत्साह वर्धन करते कहा।
____' जी टीचर जी 'पलाश ने चहकते हुए उत्तर दिया।
    इतने में प्यून ने आकर टीचर संदेश दिया ---' मैडम जी आपको प्रिंसिपल साहब बुला रहे हैं।
   यह आज कहा अंतिम पीरियड था, जिसकी समाप्ति में मात्र पांच मिनट ही शेष थे। बच्चे भी बस्ते बांधकर खेल के मैदान की ओर चल दिए, क्योंकि बाहर जाने का रास्ता खुल रहे के मैदान से होकर ही जाता था ।
        सभी बच्चे घर जाने की खुशी में भागे जा रहे थे, परन्तु पलाश थोड़ी दूर जाकर धराशाई अमरूद के पेड़ को देख ठीक गया । खेल के मैदान को बड़ा किया जा रहा था, इसलिए इसे जड़ से ही उखाड़ दिया गया था।
   पलाश अंत्यंत भावुक होकर पेड़ को नि हार रहा था । उसकी आंखें सजल हो उठीं। उसने दोनों हाथों को मुट्ठियों उल्टा  कर झट से अपनी आंखें पंच वीं , ताकि कोई उसके आंसुओं का मजाक न बना सके।
    वह मन ही मन सोचने लगा , कक्षा में जिस शिद्दत के साथ पर्यावरण का पाठ पढ़ाया जा रहा था, किन्तु-----छी-- असल में यही लोग कितने निर्दयी होते हैं।

        डॉ चन्द्रा सायता।


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लेखक: सितापचन्द पिथावे

"मन की आवाज सुनो"

बहुत साल बाद दो दोस्त रास्ते में मिले। धनवान दोस्त ने उसकी आलिशान गाड़ी पार्क की और गरीब मित्र से बोला चल इस गार्डन में बेठकर बात करते है। चलते चलते अमीर दोस्त ने गरीब दोस्त से कहा - तुझमें और मुझमें बहुत फर्क है। हम दोनों साथ में पढ़े, साथ में बड़े हुए मैं कहाँ पहुँच गया और तू कहाँ रह गया ?
चलते चलते गरीब दोस्त अचानक रुक गया। अमीर दोस्त ने पूछा क्या हुआ ?
गरीब दोस्त ने कहा तुझे कुछ आवाज सुनाई दी?
अमीर दोस्त पीछे मुड़ा और जमीन पर पड़ा पांच का सिक्का उठाकर बोला - ये तो मेरी जेब से गिरे पांच के सिक्के की आवाज़ थी।
गरीब दोस्त एक कांटे के छोटे से पोधे की तरफ गया जिसमे एक तितली पंख फडफडा रही थी। उसने तितली को धीरे से बाहर निकला और आकाश में आज़ाद कर दिया।
अमीर दोस्त ने आतुरता से पुछा - तुझे तितली की आवाज़ केसे सुनाई दी?
गरीब दोस्त ने नम्रता से कहा " तुझमें और मुझमें यही फर्क है। तुझे "धन" की सुनाई दी और मुझे "मन" की आवाज़ सुनाई दी .

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Tuesday, May 23, 2017

सतीश राठी


   🌁  - ताँका - 🌁
1
गहरा ताल
बचा लिया है जल
बची है नदी
सूरज के ताप से
बची रेत होने से
2
बन बैठी है
सीने पर वजन
याद- पहाड़
कैसे भुला दूँ अब
बजाया जो सितार।
3
बरसात में
भीगती रही वह
समूची रात
आँसू बन बहे थे
बवण्डर बादल।
4
हँसते लब
दिल में है घाव सा
खामोश मन
गम की नदिया में
कागज की नाव सा
5
नदी ने पूछा
प्रेम करते हो क्या
दिल ने कहा
प्रेम की कलकल
सीखी है तुमसे ही
-0-

Monday, May 22, 2017

चन्द्रा सायता

एक मुक्तक -एक प्रयास


पलकें उठते बैठते ,हर वक्त
नजर पे गश्त लगातीं हैं
जब पलकें सम्मोहित हो जाएं
नज़र को फरार होना ही है।


डॉ चन एक मुक्तक -एक प्रयास

पलकें उठते बैठते ,हर वक्त
नजर पे गश्त लगातीं हैं
जब पलकें सम्मोहित हो जाएं
नज़र को फरार होना ही है।

🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄👎🎄

हाइकू

     जीवन मिले
     रवि रश्मियाँ आई
     कुसुम खिले।

   पलकें उठीं
   प्रेम का स्पर्श पाया
   वापस जुटीं।

   सपन तेरे
   स्याही नहीं कलम
   कागद कोरे ।

   भक्ति रस में
   रमा हरी नाम है
  कण्ठ कण्ठ में ।

दृष्टि चंचल
बनाते हैं,भागते
मृग शावक ।

इच्छा अपार
कहते सब ज्ञानी
झूठा संसार।

शारदा गुप्ता

ख़ूब जिओ और भरपूर जिओ

                 १
बीते दिनों की ना याद करो ,
अपने दुख का न इजहार करो ,
खुद को हर बंधन से मुक्त करो ।।

          खूब जिओ

                  २
एक कुम्हलाई कली सी ना उदास रहो ,
एक उमस भरी शाम की ना हमराज बनो ,
रिमझिम बरखा की ठंडी फुहार बनो  ।।

          खूब जिओ

                 ३
अंधेरी रातों का ना दामन थाबो,
डरावने सपनों का न ख़ौफ करो,
सुबह की पहली किरण का इंतजार करो ।।

           खूब जिओ

                 ४
छोटे से दुख को ना हौआ बनाओ ,
छोटी सी मुश्किल को न पहाड़ बनाओ,
मन के उस पार झांको और देखो ।।

             खूब जिओ   

                     ५
आशाओं की डोर से ना खुद को मुक्त करो ,
निराशाओं के अंधेरे से न मन को डांवाडोल करो ,
जीवन जीने के लिए है , उसे प्यार को ।।
खूब जिओ और  भरपूर जीओ।।
                  
              शारदा गुप्ता

🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄🕯🎄

22.05.2017

हाइकु

    1
बूढ़ा किसान
खलिहान निहारे
आशाएँ रोएँ

   2
गॉव में सुखा
किसान परेशांन
बिका ईमान

  3
गऊ का दान
पंडित समझाए
स्वर्ग लजाय

   4
गऊ की हत्या
महा पाप कहाए
शास्त्र बताए

  5
देश महान्
निति हुई बेमानी
नेता मुस्काए

6
वोटों का बैंक
देख देख के नेता
होवे निहाल

7
समय गति
कोई बांध न पाया
क्यूँ पछताए

Sunday, May 14, 2017

रामनारायण सोनी

🦋💦अपूर्ण-पूर्ण💦🦋

स्वप्न से शब्द तक
शब्द से अर्थ तक,
फर्श से अर्श तक
अपूर्ण-पूर्ण तुम हुई।

चलो दिगंत घूम लें
प्रखर प्रभात चूम लें,
विराट विश्व की प्रभा
धरा हुई कनक मई।।

चुकी विभावरी तमी
भरा है घट अमी-अमी
प्रपात झर-झरा रहे
हुए वितान चम्पई।।

रोलियाँ बरस रही
भिंगो रही हृदय-जमीं
न मैं रहा अपूर्ण और
अपूर्ण-पूर्ण तुम हुई।।

निवेदक
रामनारायण सोनी