झंडा ऊंचा रहे हमारा
बिछोने पर नींद नहीं आती
अर्थी बनवा दो यारो
फूलों से काम नहीं चलेगा अंगारो पर सुला दो यारों
आशियाने की दीवार पर अपनी तस्वीर छोड़ कर मैं सोना चाहता हू कफन ओड कर
कफन बने तिरंगा प्यारा यारो
यही है कोशिश यही है आरजू आपनी
सरहदें लहू मांगती है कुर्बानी के लिये हम को तैयार रहना होगा
झंडा ऊंचा रहे हमारा यह जज्बा हर भारतीय मै होना चाहिेए
बिछोने पर नींद नहीं आती अर्थी बनवा दो यारों
फूलो से काम नहीं चलेगा अंगारो पर सुला दो यारो
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